📍 परिचय
हरियाणा की हिसार निवासी यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को मई 2025 में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से जासूसी गतिविधियों में शामिल होने का एक चौंकाने वाला उदाहरण है।
🎥 सोशल मीडिया से जासूसी तक
ज्योति मल्होत्रा ने अपने यूट्यूब चैनल “Travel with JO” के माध्यम से यात्रा व्लॉगिंग की दुनिया में कदम रखा था। उनके चैनल पर 3.8 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स थे, और इंस्टाग्राम पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग थी। उन्होंने पाकिस्तान, भूटान, थाईलैंड, नेपाल, इंडोनेशिया और चीन जैसे देशों की यात्राएं की थीं।
🕵️♂️ आईएसआई से संपर्क
जांच के अनुसार, 2023 में ज्योति ने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग से वीजा प्राप्त करने के लिए संपर्क किया, जहाँ उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जो “दानिश” नाम से जाना जाता था। यह व्यक्ति वास्तव में आईएसआई का एजेंट था। इसके बाद, ज्योति ने उसके साथ एन्क्रिप्टेड माध्यमों से संवाद बनाए रखा और 2023 से 2025 के बीच कम से कम तीन बार पाकिस्तान की यात्रा की।
💻 डिजिटल सबूत और जांच
पुलिस ने ज्योति के पांच मोबाइल फोन और एक लैपटॉप से कुल 13 टेराबाइट डेटा बरामद किया है। इस डेटा में चैट रिकॉर्ड्स, कॉल लॉग्स, वीडियो फुटेज और वित्तीय लेन-देन की जानकारी शामिल है, जो उनके चार पाकिस्तानी एजेंटों से संपर्क को दर्शाती है।
🧳 पाकिस्तान यात्रा और विशेष待遇
जांच में यह भी सामने आया है कि ज्योति को पाकिस्तान में विशेष सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान की गई थीं। उन्हें “वीआईपी” सुरक्षा दी गई, और उनके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह सब उनके आईएसआई से संबंधों को और मजबूत करता है।
💰 वित्तीय लेन-देन और बैंक जांच
पुलिस ने ज्योति के बैंक खातों की भी जांच की है, जिसमें संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पाए गए हैं। यह लेन-देन उनके पाकिस्तानी संपर्कों से जुड़े हो सकते हैं, जो जासूसी गतिविधियों के लिए उन्हें भुगतान कर रहे थे।
🏛️ कानूनी कार्यवाही और हिरासत
ज्योति को 9 दिन की पुलिस हिरासत के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच एजेंसियाँ अब भी उनके डिजिटल डेटा और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। हालांकि, अब तक कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है जो यह दर्शाए कि उन्होंने संवेदनशील सैन्य या रणनीतिक जानकारी तक पहुँच बनाई थी।
🧠 हनीट्रैप और भावनात्मक शोषण
यह मामला “हनीट्रैप” की रणनीति का एक उदाहरण है, जहाँ जासूस भावनात्मक या रोमांटिक संबंधों के माध्यम से लक्ष्यों को फँसाते हैं। ज्योति को भी इसी तरह से आईएसआई एजेंटों ने फँसाया और उनसे जानकारी प्राप्त की।
📜 निष्कर्ष
ज्योति मल्होत्रा का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से जासूसी गतिविधियों में शामिल होने का एक गंभीर उदाहरण है। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी है कि कैसे सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला जा सकता है।

