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पत्थलगांव नपा की दुकानों का बिना परमिशन नवनिर्माण, अधिकारी की कार्यशैली कटघरे में

by sanjay tiwari
2 minutes read

पत्थलगांव। नगर पालिका के अधीनस्थ न्यू मार्केट की दुकानों का स्वरूप बदलकर अवैध निर्माण किए जाने का मामला अब जोर पकड़ चुका है। अम्बिकापुर रोड मंडी के सामने स्थित इन दुकानों को तोड़कर नया रूप दिया जा रहा है, जबकि विभागीय अधिकारियों तक इसकी जानकारी तक नहीं है। इस पूरे मामले ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दुकानों को बना लिया निजी संपत्ति

नगरपालिका द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थानीय लोगों को ये दुकानें आवंटित की गई थीं, लेकिन अब कई दुकानदारों ने इन्हें अपनी निजी संपत्ति मानकर मनमाने ढंग से निर्माण शुरू कर दिया है। दुकानों में धड़ल्ले से अतिक्रमण और नवनिर्माण जारी है।अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोपग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगरपालिका अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से किनारा कर रहे हैं और इन अवैध कार्यों को हरी झंडी दे रहे हैं। वहीं, जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे भी अधिकारियों की मनमानी से बेहद परेशान हैं। नियमानुसार नगरपालिका की दुकानों में बिना अनुमति किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह कानून के विरुद्ध है। इसके बावजूद कानून को चुनौती देते हुए दुकानों का वास्तविक स्वरूप मिटाकर नया निर्माण किया जा रहा है।

अध्यक्ष और पार्षदों की नाराजगी

नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमति संगीता सुदर्शन सिंह ने कहा कि नगरपालिका न्यू मार्केट की दुकानों में पूर्व की दुकान का स्वरूप बदलकर नया निर्माण किया जा रहा है, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। मैंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यदि अवैध निर्माण पाया जाता है तो न केवल कार्रवाई हो बल्कि दोषियों की पात्रता भी समाप्त की जाए। सीएमओ ने इस मामले में क्या किया है, इसका जवाब वही दे सकते हैं।

नगरपालिका के वरिष्ठ पार्षद श्यामनारायण गुप्ता ने भी अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा अधिकारी की मनमानी चरम पर है। बिना पीआईसी और बिना परिषद की जानकारी के यह निर्माण कैसे हो रहा है संबंधित अधिकारियों को इन अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।भ्रष्टाचार के आरोप भी सुर्खियों मेंइस मामले को लेकर नगर में भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोप भी उठने लगे हैं। आम जनता का कहना है कि यदि अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीरता से ध्यान नहीं देंगे तो न्यू मार्केट का पूरा स्वरूप अवैध निर्माण और अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाएगा।

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