🔥 “वे आतंकियों को सम्मान देते हैं, हम युद्ध की परिभाषा बदलते हैं” – पीएम मोदी का पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश
गांधीनगर (गुजरात), 27 मई 2025 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के गांधीनगर में आयोजित शहरी विकास वर्ष 2025 के उद्घाटन समारोह में पाकिस्तान के खिलाफ बेहद आक्रामक और स्पष्ट शब्दों में बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान की हरकतों को “प्रॉक्सी वॉर” कहना गलत होगा, क्योंकि यह अब सीधा युद्ध है — और भारत अब उसी प्रकार से जवाब देगा।
🩸 ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को पाहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए एक बर्बर आतंकी हमले में कई निर्दोष लोग मारे गए। इस आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी आतंकियों के कई ठिकानों पर उच्च सटीकता (High Precision) के साथ जवाबी हमले किए।
पीएम मोदी ने इस हमले का ज़िक्र करते हुए कहा:
“जब ताबूत पाकिस्तानी झंडे में लपेटे जाते हैं और उनकी सेना उन्हें सलामी देती है, तो यह आतंकवाद नहीं, सीधा युद्ध है।”
📸 “अब कोई सबूत नहीं माँगेगा” – हर कार्रवाई की रिकॉर्डिंग
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ 22 मिनट में 9 आतंकवादी ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए और पूरी कार्रवाई को कैमरे में रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने कहा:
“इस बार सब कुछ रिकॉर्ड किया गया है। अब कोई यह नहीं कह सकेगा कि सबूत दिखाइए।”
यह बयान उन आलोचकों पर सीधा प्रहार था जिन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद सबूत की मांग की थी।
🧠 इतिहास की गलतियों का जिक्र – सरदार पटेल की चेतावनी
मोदी ने अपने भाषण में Partition का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उस समय सरदार पटेल की बात मानी जाती, तो PoK (पाक अधिकृत कश्मीर) आज भारत के पास होता और 75 वर्षों तक आतंकवाद झेलने की नौबत नहीं आती।
उन्होंने कहा:
“मुझे पीड़ा होती है जब सोचता हूं कि पाकिस्तान ने कश्मीर का हिस्सा मुजाहिदीन के जरिए कब्जा कर लिया। अगर उन्हें उसी समय मिटा दिया गया होता, तो आज का भारत और होता। अब वो काँटा निकालना तय है।”
🌊 बांध की सफाई और पाकिस्तान की बौखलाहट
प्रधानमंत्री ने व्यंग्यात्मक लहज़े में पाकिस्तान की हालत का मजाक उड़ाते हुए कहा:
“हमने तो सिर्फ बाँध की सफाई शुरू की है, लेकिन उन्हें बाढ़ आने का डर सताने लगा है।”
इस बयान पर जनता की तालियों और नारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
🏞️ सिंधु जल संधि पर पीएम मोदी का प्रहार
प्रधानमंत्री ने सिंधु जल संधि को “ऐतिहासिक भूल” बताते हुए कहा कि इस संधि ने भारत के अपने जल संसाधनों के प्रयोग को बाधित किया है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत अब इस दिशा में भी मजबूत कदम उठा सकता है।
“भारत की नदियाँ हमारी हैं। अब पानी को रोकने का समय आ गया है।”
💰 आर्थिक युद्ध में भी निर्णायक भूमिका – ‘Make in India’ का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक मोर्चे पर भी भारत के नए रुख की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत को अब केवल सैन्य या रणनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक युद्ध भी लड़ना है – और हर भारतीय को ‘Make in India’ को बढ़ावा देकर उसमें भाग लेना होगा।
“यह शर्म की बात है कि हमारे गणेश जी की मूर्तियाँ भी विदेश से आती हैं। अब हर भारतीय को आर्थिक युद्ध का सैनिक बनना होगा।”
📈 विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था – भारत का नया स्थान
अपने भाषण में पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
“अब No. 3 बनने का दबाव, No. 4 बनने के गर्व से ज्यादा है। मोदी है, तो मुमकिन है।”
🚫 पाकिस्तान को नाम लेकर लताड़
मोदी ने कहा कि पाकिस्तान अब केवल आतंकियों को पालता नहीं, उन्हें सम्मानित भी करता है। पाकिस्तान के द्वारा मारे गए आतंकियों को राजकीय सम्मान देने पर पीएम मोदी ने तीखा तंज कसते हुए कहा:
“जो देश आतंकियों को सलामी देता है, वो दुनिया के लिए खतरा है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत अब “जवाबी कार्रवाई” में नहीं, “पहले प्रहार” की नीति पर भी विचार कर सकता है।
🎯 ऑपरेशन सिंदूर – एक जन आंदोलन
प्रधानमंत्री ने इस ऑपरेशन को केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि “जन आंदोलन” बताया और कहा कि भारत के हर नागरिक को अब अपने स्तर पर आतंक और विदेशी दबावों के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी।
🔚 निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर न केवल भारत की सैन्य ताकत का परिचायक है, बल्कि यह भारत की नई रणनीति का प्रतीक भी है – एक ऐसी रणनीति जहाँ अब चुप नहीं बैठा जाएगा। आतंक का मुकाबला कूटनीति से नहीं, कार्रवाई से किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐतिहासिक भाषण ने भारत की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की दिशा स्पष्ट कर दी है।
यह ऑपरेशन पाकिस्तान को एक स्पष्ट संकेत है कि भारत अब आतंक के हर स्वरूप को मिटाने के लिए तैयार है – कूटनीति से, सैन्य ताकत से और आर्थिक स्वावलंबन से।
✍️ लेखक: Janawaaz.in ब्यूरो
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