17 अक्टूबर को पत्थलगांव नगर पालिका में साधारण सभा की बैठक थी। कॉंग्रेस पार्षद साहित भाजपा पार्षदों ने पिछली बैठक में पास प्रस्तावों पर काम नहीं होने पर विरोध जताया और बैठक से ही दूरी बना ली। पार्षदों के वार्डों में विकास काम नहीं होने पर आपत्ति जताई। साथ ही सीएमओ के व्यवहार और कार्यप्रणाली सही नहीं होने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।
दरअसल, नपा की बैठक में आज 20 नए प्रस्ताव रखे गए। पिछले दो बैठको में लगभग 50 से अधिक प्रस्ताव रखे गए थे। आज बैठक में पहले पुराने प्रस्तावों का वाचन होना था। इसके बाद नए कामों पर चर्चा होनी थी, लेकिन इस बार अधिकतर पार्षदों ने यह कह कर बैठक से दूरी बना लिया कि हर बार बैठक तो होता है पर बैठक में प्रस्ताव पास होने के बावजूद कोई कार्य नहीं होता।
नपा में कॉंग्रेस के वरिष्ठ पार्षद जनार्धन पंकज और अशोक गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर बताया कि सीएमओ पुराने प्रस्तावों को लेकर चर्चा में असमर्थ थे। पिछले परिषद की बैठक में जब हमने विरोध जताया तो उन्होंने इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में स्वीकृत काम शुरू नहीं किए गए हैं। कॉंग्रेस पार्षदों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। आलम यह है कि कॉंग्रेस के पार्षदों को परिषद की बैठक की जानकारी कुछ घंटे पहले दी गई, जो सी0एम0ओ0 के व्यवहार का स्पष्ट संकेत है। सभी एक दूसरे पर कमीशन के आरोप लगा रहे हैं। इन सब गड़बड़ियों को लेकर कॉंग्रेस के सभी 5 पार्षद, दो निर्दलीय पार्षद और कुछ सत्तारुण BJP पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया है।
विकाश कार्यों की अनदेखी
कुछ पार्षदों ने परिसद के बैठक का बहिष्कार इस लिए कर दिया कि उनका मानना है कि पालिका में कुछ लोगों को ही सी0एम0ओ0 महत्व देते हैं,पार्षद मद के राशि का कार्य जानबूझ कर रोका जाता है,पार्षदों का कहना है कि लगभग 8 महीने नए परिसद का हो गया 3 बार परिसद के बैठक हो गए पर आज तक पत्थलगांव में कोई नया कार्य नहीं हुवा है जिसके वजह से नवनिर्वाचित पार्षद अपने आपको असहज महसूस कर रहे हैं